पिता पर अनमोल विचार | Father Quotes In Hindi | पिताजी स्टेटस

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पिता पर अनमोल विचार | Father Quotes In Hindi | पिताजी स्टेटस

पिता की कठोरता को बर्दाश्त करो…
ताकी सक्षम बन सको.

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पिता की बातें ध्यान से सुनो…
ताकी दुसरो की न सुननी पड़े.

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पिता के सामने ऊंचा मत बोलो
वरना भगवान तुमको निचा कर देगा.

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पिता का सम्मान करो…
ताकी तुम्हारी संतान
तुम्हारा सम्मान करे.

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पिता की इज्जत करो…
ताकी इससे फायदा उठा सको.

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पिता का हर आदेश मानो…
ताकी खुश हाल रह सको.

 

पिता के सामने नजरे झुका कर रखो…
ताकी भगवान तुमको दुनियां मे आगे करे.

पिता एक किताब है…
जिस पर अनुभव लिखा जाता है.

पिता के आंसु तुम्हारे सामने न गिरे…
वरना भगवान तुम्हे दुनिया से गिरा देगा.

        पिता एक एसी हस्ती है…!

माँ का स्थान तो निस्संदेह अपनी जगह है…!
पर पिता का भी कुछ कम नही…
माँ के कदमों मे स्वर्ग है…
पर पिता स्वर्ग का दरवाजा है.
अगर दरवाज़ा ही ना ख़ुला
तो अंदर कैसे जाओगे…?

चाहे गरमी हो या सर्दी…
अपने बच्चों की रोज़ी रोटी की
फ़िक्र में परेशान रहता है…

अपने बच्चों से…!
ना कोइ, पिता के जैसा
प्यार दे सकता है…
ना कर सकता है…

याद रख़े…
पिता की उपस्थिति
सुरज की तरह होती है.
सुरज गरम ज़रूर होता है…
मगर डूब जाए तो
अंधेरा छा जाता है.

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जो तुम्हारी खुशी के लिए
हार मान सकता है….
उस इंसान से तुम कभी
जीत नहीं सकते….
और वो है तुम्हारे पिता…!

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सभी पिता को समर्पित

तब आदमी से बाप बनता है…. पिता बनता हैं 

जब पत्नी खुद माँ बनने कि खबर सुनाये
और वो खबर सुनकर
आदमी की आँखों में से खुशी के
आंसू टप टप गिरने लगे….
तब वह आदमी फिर
“आदमी से बाप बनता है…!”

जब दवाखाने में नर्स के द्वारा
कपडे में लिपटा कुछ किलो
वजन का जीव हाथ में देने पर…
अपनी जवाबदारी का
प्रचण्ड बोझ का अहसास कराये…
तब वह आदमी फिर
” आदमी से बाप बनता है…! “

जब रात बे रात जागकर पत्नी के साथ
बच्चे का डायपर बदलता है…
और बच्चे के रोने पर उसको उठा कर
कमरें घूमता है… बच्चे को चुप कराता है.
पत्नी को कहता है तुम सो जाव
में बच्चे को सुला दूँगा.
तब वह आदमी फिर
” आदमी से बाप बनता है…! “

पिता बनता हैं

जब दोस्तों के साथ घूमना, फिरना
नीरस लगने लगे और पैर अपने आप
ही घर की तरफ दौड़ लगाये…
तब वह आदमी फिर
” आदमी से बाप बनता है…! “

जब ” कभी हमने लाईन में खड़ा होना सिखा ही नहीं ”
कहकर हमेशा से ब्लैक में टिकट लेने वाला…
बच्चे के स्कूल में प्रवेश का फॉर्म लेने के लिए
पूरी ईमानदारी से सुबह 9 बजे से लाईन में खड़ा होने लगे…
तब वह आदमी फिर ” आदमी से बाप बनता है…! “

पिता बनता हैं

जब सुबह जिसको जगाते समय…
साक्षात कुम्भकरण की याद आती हो
और वो ही रात को बार बार उठ कर के
ये देखने लग जाए की… कहीं मेरा
पैर या हाथ गलती से भी बच्चे के
ऊपर तो नहीं आ गया.. और
अपने सोने में पूरी सावधानी रखने लगे
तब वह आदमी फिर
” आदमी से बाप बनता है…! “

 

किसी को भी एक ही झापड़ से
चारो खाने चित करने वाला…
जब बच्चे के साथ बनावटी
लड़ाई में बच्चे की नाजुक से
झापड़ से जमीन पर गिरने लगे…
तब वह आदमी फिर
” आदमी से बाप बनता है…! “

खुद भले ही कम पढ़ा या अनपढ़ हो…
लेकिन जब कामपर से घर आकर बच्चों को
बेटा पढ़ाई बराबर करना
अपना होमवर्क पूरा किया या नहीं…?
बड़ी ही गंभीरता से कहे
तब वह आदमी फिर
” आदमी से बाप बनता है…! “

पिता बनता हैं

जब अपनी ही कल की कमाई पर
मजा करने वाला, अचानक बच्चों के
आने वाले कल के लिए… आज समझोता
करने लगे…. तब वह आदमी फिर
” आदमी से बाप बनता है…! “

अपने कामपर मालिक की तरह आदेश देने वाला
जब स्कूल की अभिभावक बैठक में
बच्चे के वर्ग शिक्षक के सामने डरा – डरा सा
सहमा सा, कान में तेल डाला हो ऐसे
उनकी हर सुचना को ध्यान से सुनने लगे.
तब वह आदमी फिर ” आदमी से बाप बनता है…! “

जब खुद की प्रमोसन से भी ज्यादा
बच्चे की स्कूल की साधी सी यूनिट टेस्ट की भी
ज्यादा चिंता करने लगे..
तब वह आदमी फिर ” आदमी से बाप बनता है…! “

जब खुद के जन्मदिन का उत्साह से ज्यादा
बच्चों के जन्मदिवस पार्टी की तैयारी में हर्षित रहे…
तब वह आदमी फिर ” आदमी से बाप बनता है…! “

जब दो कदम पैदल चलने पर थक जानेवाला
बच्चे की सायकल की सीट पकड़ कर उसके
पीछे – पीछे भागने में खुश होने लगे
तब वह आदमी फिर ” आदमी से बाप बनता है…! “

जब खुद ने अनुभव की हुई ये दुनिया और
स्वयं ने की हुई गलतियों को बच्चे ना करे..
इसलिये उन्हें समझाने की शुरुआत करने लगे
तब वह आदमी फिर ” आदमी से बाप बनता है…! “

जब बच्चों को कॉलेज में प्रवेश के लिए
किसी भी तरह पैसे जमा करें या फिर
वर्चस्व वाले व्यक्ति के सामने दोनों हाथ जोड़े
तब वह आदमी फिर ” आदमी से बाप बनता है…! “

आपका वो जमाना अलग था
अब समय बदल गया है
आपको कुछ भी मालूम नहीं है,
‘This is generation gap’
जब ये शब्द सुनकर खुद ने भी कभी ये बोला था..
ये याद आये और मन ही मन अपने पिताजी को
याद कर के माफी माँगने लगे….
तब वह आदमी फिर ” आदमी से बाप बनता है…! “

पिता बनता हैं

जब यह पता हो की….
लड़का तो बाहर चला जाएगा
और लड़की ससुराल, इसके बावजूद भी
उनके लिए सतत प्रयत्नशील रहे….
तब वह आदमी फिर ” आदमी से बाप बनता है…! “

जब बच्चों को बड़ा करते करते कब हम बूढ़े हो गए
इस और ध्यान ही नहीं जाता, और ध्यान आने पर
उसका कोइ अर्थ नहीं रह जाता……
तब वह आदमी फिर ” आदमी से बाप बनता है…! “

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